perception
जीवन और दुनिया में सत्य और वास्तविकता से ज़्यादा धारणा का महत्व है। Perception plays more important role than reality is this world. धारणा किसी व्यक्ति के मस्तिष्क में जितना व्यापक प्रभाव डालती है, उतना तो सत्य और वास्तविकता भी नहीं डाल पाते।किसी के बारे में आपके मन और मस्तिष्क में एक बार कोई धारणा घर कर ले तो फिर कितने ही सबूत उस धारणा के खिलाफ पेश कर दो , मन से शंका दूर नहीं हो सकती। अतः आपकी सोच ही महत्वपूर्ण है सत्य नहीं। जैसे अगर प्रेम चोपड़ा किसी फिल्म में अच्छा भी काम कर रहा होता है तो भी देखने वाला कह देता था कि इसमे जरूर इसकी कोई चाल है। वहीं अगर हीरो कोई गंदा काम कर रहा होगा तो इसकी मजबूरी होगी। पर जीवन में कोई ब्लैक या व्हाइट नहीं होता ,सभी ग्रे शेड के होते हैं। आपकी सोच उस ग्रे शेड में उस व्यक्ति के लिए या तो ब्लैक ढूंढ़ती है या व्हाइट ढूंढ़ती है। इस लिए इस संसार में 100 बार बोला गया झूठ कई बार सच से बड़ा हो जाता है, क्योंकि वो झूठ कई हज़ार लोगो के मन में धारणा का रूप ले चुका होता है।जिसे बदलना आसान नहीं। प्रेम चोपड़ा को अब अरुण गोविल बनने के लिए बहुत कुछ करना पड़ेगा। ...